नई शिक्षा नीति पर महात्मा गांधी के शिक्षा दर्शन का प्रभाव एक अध्ययन:

Authors

  • पूनम जोगपाल, डॉक्टर शैलेंद्र कुमार सिंह Author

DOI:

https://doi.org/10.7492/kg5zh718

Abstract

           राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारतीय शिक्षा में एक सकारात्मक बदलाव है जो आजादी के बाद की सभी पुरानी शिक्षा नीतियों पर गहन विचार विमर्श कर उनके गुण और देशों की समीक्षा करके प्रस्तुत किया की गई है l राष्ट्रीय शिक्षा नीति की शुरुआत 2017 में इसरो प्रमुख डॉक्टर के कस्तूरीरंगन ने एक समिति का गठन करके की l 2019 में इसका मसौदा तैयार हुआ और 29 जुलाई 2020 को केंद्र सरकार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी दी l जिसका उद्देश्य शिक्षा को अंतिम छोर पर उपस्थित छात्र तक पहुंचना है ताकि शिक्षा का प्रचार प्रसार सभी छात्रों तक सही दिशा में हो सके l इसका उद्देश्य बाल्यावस्था से छात्र का विकास करके उसे एक आत्मनिर्भर वह जागरूक नागरिक बनाना है l इसमें हर स्तर पर अनुभव द्वारा सीखना तथा शिक्षक व अधिगम को सरल व रुचिकर बनाना शामिल है l यह मूल्य आधारित शिक्षा के साथ-साथ संख्यात्मकता को भी महत्व देती है l नई शिक्षा नीति गांधीवादी दृष्टिकोण "छात्र में निहित उसके सर्वोत्तम को बाहर निकलने" के उद्देश्य को लेकर काम करती है l यह ज्ञान की महत्ता और छात्रों को कार्यक्रमों को चुनने का अवसर प्रदान करती है l नई शिक्षा नीति में पाठ्यक्रम व शिक्षक की विधियों को इस प्रकार ड्राफ्ट किया गया है कि शिक्षा  आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मिल का पत्थर साबित हो l

Downloads

Published

2011-2025

Issue

Section

Articles