भारत-म्यांमार सीमा व्यापार- आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय सामरिक प्रभावों का विश्लेष्णात्मक अध्ययन

Authors

  • भीष्म and डॉक्टर शैलेंद्र कुमार सिंह Author

DOI:

https://doi.org/10.7492/p2c3r186

Abstract

इस शोधपत्र का उद्देश्य भारत और म्यांमार के बीच सीमा व्यापार की प्रकृति का विश्लेषण करना है। भारत तीव्र आर्थिक विकास, भौगोलिक आकार, प्राकृतिक संसाधनों और गतिशील जनसंख्या के साथ एक उभरती हुई शक्ति है। इसने म्यांमार सहित अपने दक्षिण-पूर्व एशियाई सीमावर्ती पड़ोसियों के प्रति एक नई विदेश नीति और आर्थिक अभिविन्यास अपनाया है। वर्तमान परिद्र्श्य भारत और म्यांमार के बीच बढ़ते व्यापार संबंधों और द्विपक्षीय आर्थिक जुड़ाव को प्रकट करते हैं। भारत के पूर्वोत्तर सीमा मुद्दे, आसियान संपर्क, बीआरआई का बीसीआईएम आर्थिक गलियारा, भारत की पड़ोस नीति, पूर्व की ओर कार्य नीति, साथ ही भू-राजनीतिक गतिशीलता, अन्य कारकों के अलावा, भारत-म्यांमार सीमा व्यापार को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं। चीन-भारत प्रतिद्वंद्विता, कमज़ोर सीमावर्ती बुनियादी ढाँचे और जातीय विद्रोह जैसी समस्याएँ सीमा व्यापार में प्रमुख बाधाएँ बनकर उभरी हैं। इस अध्ययन का निष्कर्ष है कि भारत और म्यांमार सीमा पार व्यापार और आर्थिक सहयोग में में समकालीन समय में क्या परिस्थितिया बनी हुई हैं। 

Downloads

Published

2011-2025

Issue

Section

Articles