पारंपरिक शिक्षण पद्धति एवं मिश्रित शिक्षण पद्धति के माध्यम से अवधारणात्मक समझ का तुलनात्मक विश्लेषण

Authors

  • मुकेश कुमार Author

DOI:

https://doi.org/10.7492/4y22t362

Abstract

वर्तमान शोध का प्रमुख उद्देश्य कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों में पारंपरिक शिक्षण पद्धति एवं मिश्रित शिक्षण पद्धति के माध्यम से अवधारणात्मक समझ के स्तर की तुलना करना था। शिक्षा के क्षेत्र में तीव्र तकनीकी परिवर्तन के इस युग में पारंपरिक शिक्षण के साथ-साथ डिजिटल उपकरणों एवं ऑनलाइन माध्यमों का प्रयोग शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, रोचक एवं शिक्षार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। इस संदर्भ में मिश्रित शिक्षण पद्धति को एक ऐसे समन्वित दृष्टिकोण के रूप में देखा जाता है, जिसमें पारंपरिक कक्षा-शिक्षण एवं ऑनलाइन अधिगम, दोनों का संतुलित उपयोग किया जाता है।

शोध कार्य के लिए दो समूहों—नियंत्रण समूह (पारंपरिक शिक्षण) एवं प्रायोगिक समूह (मिश्रित शिक्षण)—का चयन किया गया। प्रत्येक समूह में 30-30 विद्यार्थियों को सम्मिलित किया गया। दोनों समूहों को समान विषय-वस्तु का शिक्षण प्रदान किया गया। नियंत्रण समूह को पारंपरिक शिक्षण पद्धति के माध्यम से तथा प्रायोगिक समूह को मिश्रित शिक्षण पद्धति के माध्यम से शिक्षण प्रदान किया गया।

शिक्षण से पूर्व एवं शिक्षण के पश्चात् विद्यार्थियों की अवधारणात्मक समझ को मापने के लिए शोधकर्ता द्वारा निर्मित अवधारणात्मक समझ परीक्षण का उपयोग किया गया। इस परीक्षण के माध्यम से दोनों समूहों के विद्यार्थियों की अवधारणात्मक समझ के स्तर का आकलन किया गया तथा प्राप्त परिणामों के आधार पर पारंपरिक एवं मिश्रित शिक्षण पद्धतियों की प्रभावशीलता की तुलनात्मक समीक्षा की गई।

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Published

2011-2026

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