हरियाणा सामान्य पंचायती चुनावों में जिला परिषद् सदस्यों का प्रतिनिधित्व: एक विश्लेषण
DOI:
https://doi.org/10.7492/7e3trm70Abstract
भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश माना जाता है। आज भी यहाँ जनसंख्या का एक बड़ा भाग गांवों में निवास करता है। भारत की आत्मा गांवों में बसती है ऐसा हम सदियों से सुनते आ रहे हंै। पंचायती राज संस्थाओं को त्रिस्तरीय ढ़ांचे में वर्गीकृत किया गया है:- जिला परिषद्, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत। भारतीय ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन या बेहतर प्रशासन की स्थापना का मार्ग पंचायती राज संस्थाओं से होकर गुजरता है। आधुनिक जिला परिषद् संस्थाओं में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है जिससे जिला परिषद् संस्थाएँ नवीन अवतार में हमारे सम्मुख हैं। हरियाणा राज्य में 73वें संविधान संशोधन अधिनियम्, 1992 के पश्चात् जिला परिषद् सामान्य चुनाव वर्ष 1994, 2000, 2005, 2010, 2016 और 2022 में संपन्न हुए हंै। प्रस्तुत प्रपत्र हरियाणा पंचायती राज संस्थाओं के सामान्य चुनावों में निर्वाचित (जिला परिषद्) सदस्यों को लिंगानुसार अनुसार विश्लेषित करता है। यह विश्लेषण द्वितीय स्त्रोत् हरियाणा सामान्य पंचायती राज चुनावों के राजपत्र पर आधारित है। जिसका मुख्य उद्देश्य जिला परिषद् में निर्वाचित सदस्यों के लिंगानुसार प्रतिनिधित्व को दर्शाना है।


